ओशो गंगा/ Osho Ganga
मंगलवार, 19 मई 2026

06-एक प्रेम प्रीत कि पाती -- (कविता) - (ओशो की मधुशाला)

›
  06-एक प्रेम प्रीत कि पाती -- (कविता) बहता जीवन पल-पल उत्सव , कल-कल बहता जो झरना बन। कुछ मधुर राग किन्हीं छंदों में , कानों में आकर कर...

24-GOD IS NOT FOR SALE - (ईश्वर बिकाऊ नहीं है) - का हिंदी अनुवाद

›
  GOD IS NOT FOR SALE–( ईश्वर बिकाऊ नहीं है)-का हिंदी अनुवाद अध्याय - 24 0 5 अक्टूबर 1976 सायं चुआंग त्ज़ु ऑडिटोरियम में देव का ...
सोमवार, 18 मई 2026

05-तुम हो एक अंधकार — कविता - (ओशो की मधुशाला)

›
  05 - तुम हो एक अंधकार — ( कविता)  कुछ दीवारें दे रही थी एक रूप और आकर का भ्रम मुझे थक गया उस बंटवारे से एक दिन गिरा दिया मैंने उसे...
शनिवार, 16 मई 2026

04 - न और न छोर - (कविता)-ओशो की मधुशाला

›
04 - न और न छोर — ( कविता) न कोई और है न छोर है उसका , केवल एक गति भर है , जो एक सम्मोहन बन कर छाई है। हर और जहां-तहां , चर-अचर , ...

23-GOD IS NOT FOR SALE - (ईश्वर बिकाऊ नहीं है) - का हिंदी अनुवाद

›
GOD IS NOT FOR SALE–( ईश्वर बिकाऊ नहीं है)-का हिंदी अनुवाद अध्याय - 23 03 अक्टूबर 1976 अपराह्न , चुआंग त्ज़ु ऑडिटोरियम में देवा ...
गुरुवार, 14 मई 2026

22-GOD IS NOT FOR SALE - (ईश्वर बिकाऊ नहीं है) - का हिंदी अनुवाद

›
GOD IS NOT FOR SALE–( ईश्वर बिकाऊ नहीं है)-का हिंदी अनुवाद अध्याय - 22 02 अक्टूबर 1976 अपराह्न , चुआंग त्ज़ु ऑडिटोरियम में [ एक ...

03-लादेन—एक काली अमावस -(कविता)-ओशो की मधुशाला

›
  03-लादेन — एक काली अमावस (कविता) काल बन कर निगल गई उस काली परछाई को हो गई जो समय के गर्त में दफ़न जो समझता था अपने को काल का पर्...
बुधवार, 13 मई 2026

02-एक गीत उठा है प्राणों में- (कविता)—ओशो की मधुशाला

›
  02-एक गीत उठा है प्राणों में (कविता) एक गीत उठा जब प्राणों में , फिर क्यों उसको मैं गा न सका। कोई टीस उठी जब ह्रदय में , प्रीतम  तुझको...

21-GOD IS NOT FOR SALE - (ईश्वर बिकाऊ नहीं है) - का हिंदी अनुवाद

›
GOD IS NOT FOR SALE–( ईश्वर बिकाऊ नहीं है)-का हिंदी अनुवाद अध्याय - 21 01 अक्टूबर 1976 अपराह्न , चुआंग त्ज़ु ऑडिटोरियम में [ एक ...
मंगलवार, 12 मई 2026

01-उन्माद बना कुछ रहने दो—(कविता)-ओशो की मधुशाला

›
  01-उन्माद बना कुछ रहने दो — ( कविता) मत पूछो बहते जीवन का , उन्माद रहेगा कब तक। आती जाती इन सांसों का , साथ चलेगा कब तक।।   बजने...
सोमवार, 11 मई 2026

56-सदमा - (उपन्यास) - मनसा - मोहनी दसघरा (अंतिम पोस्ट)

›
  अध्याय-56 (सदमा - उपन्यास) जी वन के उतर चढ़ाव के बीच में एक विश्राम स्थल भी आता है। वह प्रत्येक मनुष्य के जीवन में वो क्षण आता है। जिसे हम...

जीहाद -(कहानी) मुंशी प्रेमचंद

›
  जीहाद -(कहानी) प्रेम चंद   बहुत पुरानी बात है। हिंदुओं का एक काफ़िला अपने धर्म की रक्षा के लिए पश्चिमोत्तर के पर्वत-प्रदेश से भागा चला...

20-GOD IS NOT FOR SALE - (ईश्वर बिकाऊ नहीं है) - का हिंदी अनुवाद

›
GOD IS NOT FOR SALE–( ईश्वर बिकाऊ नहीं है)-का हिंदी अनुवाद अध्याय - 20 31 अक्टूबर 1976 सायं चुआंग त्ज़ु ऑडिटोरियम में ‘’स्वामी दे...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

ध्यान है, आप उस में कुद गये तो एक नदी की तरह आप रूक नहीं सकते। जन्मों की साधना का फल ह

मेरी फ़ोटो
oshoganga-ओशो गंगा
जीवन अपने में एक रहस्य छुपए चल रहा हे, हम एक मुसाफिर मात्र है, क्या और किस लिए मन में एक ज्ञिज्ञाषा लिए चल रहे है इस सफर पर परंतु ओशो के प्रकाश के कारण एक किरण ने मार्ग पर कुछ प्रकाश बिखेरा है...भाग्य हमारा की ओशो ने अपने मार्ग पर चलने के लिए हमें चूना....वरना हम तो आंखों के बिना भी बस अंधेरे में टटोलते ही रह जातेेेेेेेे.... ओशो प्यारे दिल में समा रे नयनों में बस जा रे। मनसा-मोहनी दसघरा
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
oshoganga-ओशो गंगा
New Dehli, New Dehli, India
जीवन अपने में एक रहस्य छुपए चल रहा हे, हम एक मुसाफिर मात्र है, क्या और किस लिए मन में एक ज्ञिज्ञाषा लिए चल रहे है इस सफर पर परंतु ओशो के प्रकाश के कारण एक किरण ने मार्ग पर कुछ प्रकाश बिखेरा है...भाग्य हमारा की ओशो ने अपने मार्ग पर चलने के लिए हमें चूना....वरना हम तो आंखों के बिना भी बस अंधेरे में टटोलते ही रह जातेेेेेेेे.... ओशो प्यारे दिल में समा रे नयनों में बस जा रे। मनसा-मोहनी दसघरा
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.