कुल पेज दृश्य

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

01- आजा हो आजा मेरे प्यार, ओशो - (गीत) - परिजात के फूल

आजा हो आजा मेरे प्यार, ओशो  - (गीत) - मनसा - मोहनी 

आजा हो आजा मेरे प्यार, ओशो...

सांसो का क्या एतबार आजा, ओशो

आजा हो आजा अबकी बार, ओशो ...।

 

जलती चीता पर जीवन बैठा।

कोई नहीं अब सब जग रूठा।

वादा करके तू हो गया झूठा।

गम भी तेरा लागे हे मीठा।

दिल को दिलाजा एतबार आजा....

आजा हो आजा मेरे प्यार....

 

कब की पुकारूँ पथ को संवारूँ।

तेरी छवि को बस बैठ निहारूँ।

घटती ये सांसे तुझ पर वारूँ।

लोक लाज अब आज उतारू।

तुझ बिन जीवन कैसे संवारूँ।

उत तू भी तो होगा बेकार आजा...

आजा हो आजा मेरे प्यार....

 

भाग मेरे जो तुझको पाया।

छोड़ जगत तुझे अपना बनाया।

मन मंदिर में अब तुझे बसाया।

आंगन भर खुशियां तू लाया।

सांसों में बस तू ही समाया।

सुर को मिला जा इस बार आजा...

आजा हो आजा मेरे प्यार आजा।

 

आओ प्रियतम अब तो आ जाओ।

भेद मेरा मुझसे न छुपाओ।

दिल ही दिल में पीर बढ़ाओ।

विरह गीत अब यूं न सुनाओ।

आकर अब तो भेद बताओ।

अहिल्या का करो उधार....आजा

आजा हो आजा मेरे प्यार ओशो।

सांसों का क्या है एतबार आजा।

मनसा-माेहनी दसघरा 

(परिजात के फूल)   

#https://www.amazon.in/-/hi/gp/product/9373106740/ref=ox_sc_act_title_23?smid=ASR2DOJTK9IRG&psc=1

 



 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें