मैंने एक कली से कहां,
क्या मैं
करूं तेरा गुण गान?
गाऊं तेरे लिए कोई गीत या गान
या करूं गली-गली तेरा बखान।
उसने एक बार मुझे यूं देखा
फिर वो हंसी और थोड़ी सी इतराई,
कुछ देर मौन रह कर उसने मुझे देख कर कहां
जैसे वो मानो खोल रहीं है वो किसी रहस्य से पर्दा,
और मुझे पास बूला कर धीरे से फुसफुसा कर
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