अंधकार से आलोक की ओर-(प्रश्नोत्तर)
पहला प्रवचन
कौन कहता है कि मानवता को बचाए जाने की जरूरत है?(Translated book- "From Darkness to Light", Chapter #1)
प्रश्न: ओशो,
हम मानवता को और अधिक पतन से कैसे बचा सकते हैं?
मानवता को बचाने की बात करने का प्रचार करना सभी धर्मों के ट्रेड सीक्रेट्स, व्यावसायिक रहस्यों में से एक है।
यह एक बहुत ही अजीब सा खयाल है, लेकिन यह इतना पुराना है कि कोई इसके भीतर छिपे अभिप्राय को समझता हुआ दिखाई नहीं पड़ता। कोई भी यह नहीं पूछता कि तुम मानवता को बचाने के लिए क्यों चिंतित हो? और तुम हजारों सालों से मनुष्यता को बचा रहे हो, लेकिन कुछ भी बचता हुआ दिखाई नहीं पड़ता।
पहली बात, क्या मानवता को बचाए जाने की कोई भी जरूरत है?
इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए सभी धर्मों ने ‘मौलिक पतन’ नाम की एक नितांत काल्पनिक धारणा निर्मित कर ली है। क्योंकि जब तक पतन न हुआ हो तब तक बचा लेने का प्रश्न ही नहीं उठता है। और मानवता के मौलिक पतन की धार्मिक धारणा बिलकुल बकवास है।
