कुल पेज दृश्य

ओशो एक परिचय-- लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ओशो एक परिचय-- लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 23 जनवरी 2014

ओशो एक परिचय--

ओशो के विषय मे

शो की चेतना बचपन से ही मुक्त और विद्रोही थी। बचपन से ही वे धर्म, समाज व राजनीति की स्वीकृत परंपराओं को चुनौती देते रहे और सत्य के लिए दूसरों द्वारा दिए गए ज्ञान व मतों को मानने की अपेक्षा स्वयं ही प्रयोग करने का आग्रह करते रहे।
21 मार्च 1953 को इक्कीस वर्ष की आयु में ओशो परम संबोधि को उपलब्ध हुए। अपने विषय में वे कहते हैं, '' अब मैं किसी भी चीज की खोज में नहीं हूं। अस्तित्व ने अपने सब द्वार मेरे लिए खोल दिए हैं; मैं तो यह भी नहीं कह सकता कि मैं अस्तित्व से संबंध रखता हूं क्योंकि मैं तो इसी का एक हिस्सा हूं... जब कोई फूल खिलता है, तो उसके साथ मैं भी खिलता हूं। जब सूर्य ऊगता है तो उसके साथ मैं भी ऊगता हूं। अहंकार, जो लोगों को विभाजित करता है, अब मुझमें नहीं है। मेरा शरीर प्रकृति का हिस्सा है और मेरा होना पूरी समग्रता का अंग है। मैं कोई भिन्न इकाई नहीं हूं। ''