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गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

लेडी गागा—ये क्‍या कहते है

ओशो भारत से मेरा पहला परिचय है: लेडी गागा
     लेडी गागा वर्तमान समय में संगीत के अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍टेज पर सबसे बड़ा नाम है। कुछ ही वर्षो के अल्‍प समय में उसकी ख्‍याति माइकल जैकसन की ख्याति को भी पार कर गई। विश्‍व भर में करोड़ों युवा और युवा ह्रदय लोग उनके संगीत के दीवाने ही नहीं, इंटरनेट पर ट्विटर के ज़रिये उनके विचारों की भी प्रतीक्षा करते है।

      28 अगस्‍त को ट्विटर के जरिए एक बहुत छोटा सा संदेश उन्‍होंने अपने प्रशंसकों के लिए दिया।
      ‘’सृजन परम विद्रोह है।‘’
      (ओशो दी गूज़ इज़ आउट प्रवचन 9, प्रश्‍न 2)    
      उनका यह संदेश पाते ही विश्‍व भर के युवा वर्ग में होल लग गई यह जानने की कि ओशो कौन है। क्‍या कहते है। ओशो इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन की वेब साइट ओशो डॉट कॉम पर आने वालों की संख्‍या कर्इ गुणा बढ़ गई।
      हाल ही में फार्मूला वन के उद्घाटन अवसर पर जब वे भारत आई तो पत्रकारों को दिए अपने साक्षात्‍कार में ओशो का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा; ‘’ओशो भारत से मेरा पहला परिचय है।‘’
      ‘’मुझे ओशो के कार्य से प्रेम है। मैंने उनकी बहुत सी पुस्‍तकें पढ़ी है। और विद्रोह के विषय में उनके विचार कि कैसे विद्रोह और सृजन एक-दूसरे से संबंधित है मुझे बहुत छूते है। मैं अपने जीवन में बहुत विद्रोही हूं और अपने देश में मैं सामाजिक विषयों पर अपना विद्रोह खुलकर प्रकट करती हूं। ओशो परम विद्रोही है और इसीलिए मैं उनको प्रेम करती हूं।‘’
लेडी गागा
भारत 2011