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बुधवार, 2 मार्च 2016

भावना के भोज पत्र--(पत्र पाथय--18)

पत्र पाथय18

निवास:
115, योगेश भवन, नेपियर टाउन
                                                जबलपुर (म. प्र.)
आर्चाय रजनीश
दर्शन विभाग
महाकोशल महाविद्यालय

3०-1-61 दोपहर

 पुनश्च:
मां! गांव चलना है, 17 फरवरी की संध्या। 18 और 19 को विवाह है। आप कम से कम दो दिन पूर्व आ जायें। ज्यादा पहले आयें तब कहना ही क्या? दद्दा कल आए हैं और आपको बहुत—बहुत आग्रहकरने को कहा है।
मैंने कहा, ''आग्रह नहीं करुंगा, तो भी उन्हें आना ही पडेगा। अब वे पराई नहीं हैं।'' यशोधरा जी का पत्र आज मिला है संभव है कल उन्हें उत्तर दूं। कब आती हैं.... कि बस पर खड़े होकर मुझे प्रतीक्षा करनी होगी....इन सबकी सूचना पूर्व ही दे दें।
बस! आज इतना ही।

रजनीश के प्रणाम